चवन्नी की विदाई

सामान्य
( मित्रो, सुना है आज से अधिकारिक तौर पे चवन्नी का अस्तित्व ख़त्म कर दिया जायेगा | इसी बात पे मैंने अपनी ये कविता लिखी है | कृपया अपनी राय रखें |)

जा चवन्नी जा ! आज तेरी विदाई है,
तुझको रुख्सत करने वाली और कोई नही महँगाई है ।

देश से तेरा वजूद आज मिटने को है आया,
तुझपे भी समय का ये कोप है छाया |

पहला सिक्का बनके अठन्नी आज इठलाई है,
जा चवन्नी जा ! आज तेरी विदाई है |

मोल तेरा आज यहाँ रहा नहीं कुछ,
महंगाई की भेंट चढ़ सहा बहुत कुछ |

दस पैसा कबका गया, आज तेरी बारी आई है,
जा चवन्नी जा ! आज तेरी विदाई है |

गरीबों और बच्चों की एक चाहत थी तुम,
दर-ब-दर भटकती, फिर भी राहत थी तुम |

कहने वाले कहते हैं, आर्थिक तरक्की आई है,
जा चवन्नी जा ! आज तेरी विदाई है |

इस कृतघ्न समाज से विदाई शायद खुशनशीबी है तुम्हारी,
तुझको इस कदर भूलना शायद बदनशीबी है हमारी |

तेरी हंसी आज इस देश में कुम्भलाई है,
जा चवन्नी जा ! आज तेरी विदाई है |
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23 responses »

  1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रवि्ष्टी की चर्चा कल शुक्रवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल उद्देश्य से दी जा रही है!

  2. पूजा खातिर चाहिए सवा रुपैया फ़क्त |हुई चवन्नी बंद तो खफा हो गए भक्त ||कम से कम अब पांच ठौ, रूपया पावैं पण्डे | पड़ा चवन्नी छाप का, नया नाम बरबंडे || बहुतै खुश होते भये, सभी नए भगवान् |चार गुना तुरतै हुआ, आम जनों का दान ||मठ-मजार के नगर में, भर-भर बोरा-खोर |भ'टक साल में भेजते, सिक्के सभी बटोर || |भ'टक-साल सिक्का गलत, मिटता वो इतिहास |जो काका के स्नेह सा, रहा कलेजे पास ||अन्ना के विस्तार को, रोकी ये सरकार |चार-अन्ने को लुप्त कर, जड़ी भितरिहा मार ||बड़े नोट सब बंद हों, कालेधन के मूल |मठाधीश होते खफा, तुरत गयो दम-फूल ||महाप्रभु के कोष में, बस हजार के नोट |सोना चांदी-सिल्लियाँ, रखें नोट कस छोट ||बिधि-बिधाता जान लो, होइहै कष्ट अपार |ट्रक- ट्रैक्टर से ही बचे, गर झूली सरकार ||

  3. संजय जी, आशा है आपका स्वास्थ्य अब कुशल मंगल है | इसी तरह अपना स्नेह बनाये रखें और मेरी रचनाओ में अपनी टिप्पणियां रखकर उत्प्रेरित करते रहें |

  4. सतीश जी, धन्यवाद् आपका मेरे ब्लॉग में आने के लिए |काला धन जमा करने वाले चवन्नी कहा रखते हैं ? वो तो बड़े बड़े नोट रखते हैं वो भी स्विस बैंक में | वो तो गरीबों और बच्चो की शोभा थी |

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