वो आँखें

सामान्य

वो आँखें झील-सी, प्यार ही प्यार जिसमे,

अपनत्व कि उमड़ती धारा, उसमे ही तकदीर नज़र आती है |

 

भोली-भाली सी आँखें, बोझिल होती सपनो के भार से,

प्यार के जल कि छलक जिसमे, उसमे ही तस्वीर नज़र आती है |

 

आकान्छाओं से भरी वो आँखें, लेकर तमन्नाओ का सागर,

चाहत पूरा करने कि, उसमे कल्पना ही कल्पना नज़र आती है |

 

मोतियाँ ढ़ोती आँखें, कुछ कहने को उतावली,

दिल कि बातों का पुलिंदा लिए, उसमे इशारों कि झलक नज़र आती है |

 

खुलती बंद होती पलके, होठों कि मुस्कराहट समेटे,

खुशियों को पाकर खुश होती, उसमे अपनों कि दुनियां नज़र आती है |

 

जीवन रस से भरी आँखें, देखकर ही जिसे जीवन मिल जाये,

जीने कि चाहत जगती, उसमे ही मेरी जिंदगी नज़र आती है |

 

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