नए साल में

सामान्य

( सभी पंक्तियों का पहला अक्षर मिलाने पर “नया साल सबके लिए सुखद एवं मंगलमय हो” )


वरंग सी उमंग लिए,

या आसमान के जैसे खुले विचार;

सागर से भी गहरी सोच या,

श्कर लिए ख़ुशी का, गम दरकिनार|

रस कर इन चार लम्हों को,

रसती सावन की बूंदों का झार;

केंद्र में लिए लक्ष्य को अपने,

लिख दे हर दिल में बस प्यार ही प्यार|

क अकेला चल पथ में,

सुप्त पद जाये गर ये संसार;

बर दे सबको बस खुशियों भरा,

वा बन सबका, लगा दे पार|

कल व्यक्तित्व गर धाह भी जाये,

वंदन और पूजन न हो तार-तार;

मंगल पथ में कर मगल कर्म,

र आ भी जाये दुखते आसार|

य पर सीधा चलते चल,

र्म तब जानेगा जीवन के चार;

ह मान ले पथ में सिर्फ कांटें नहीं हैं,

होगा भला करले भला अपार|

 

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s